मंगलाचरण

मङ्गलं भगवान् विष्णुःमङ्गलं गरुडध्वजः।मङ्गलं पुण्डरीकाक्षःमङ्गलायतनो हरिः॥

maṅgalaṁ bhagavān viṣṇuḥ · maṅgalaṁ garuḍadhvajaḥmaṅgalaṁ puṇḍarīkākṣaḥ · maṅgalāyatano hariḥ

अँधेरे में जलता मिट्टी का एक दीया।

सगाई के शुभ अवसर पर आप सादर आमंत्रित हैं

अंशिका सिंह एवं अर्जित सिंह परिहार

अंशिका सिंह Anshika Singh

श्री सुबाश सिंह एवं श्रीमती संजू सिंह की सुपुत्री

अर्जित सिंह परिहार Arjit Singh Parihar

श्री राकेश सिंह एवं श्रीमती दीप्ति सिंह के सुपुत्र

यहाँ तक का सफ़र

कैफ़े की मेज़ पर दो ख़ाली कुर्सियाँ। अंशिका और अर्जित दोनों ओर से आते हैं, आमने-सामने बैठते हैं और बातों में खो जाते हैं।

बात घरवालों ने चलाई थी — “एक बार मिल तो लो।”

5 मार्च 2026 बातें चलीं, और चलती ही रहीं — इतनी कि कुछ जताने की ज़रूरत ही न रही।

रात के दो बजे, सोए हुए शहर में दो खिड़कियाँ अब भी रोशन हैं — एक में अर्जित, दूसरी में अंशिका, फ़ोन पर मुस्कुराते हुए; आसमान में उनके संदेश एक-दूसरे तक पहुँच रहे हैं।

फिर हर रात बात होने लगी — और देखते-देखते रात के दो बजने लगे।

कैफ़े की बेंच पर अर्जित और अंशिका; ऊपर “मोहब्बत ज़िंदाबाद” लिखा नियॉन दिल जगमगा उठता है।

6 जून · 22 अगस्त 2026 कभी कैफ़े, कभी लिफ़्ट, कभी कोई नियॉन साइन — मिलने के बहाने मिलते ही रहे।

खिले कचनार तले बेंच पर अर्जित और अंशिका; दोपहर शाम में ढलती है और दोनों पास आ बैठते हैं।

एक साल लगा। प्यार होने में नहीं — यक़ीन होने में।

साँझ ढले पत्थर का एक छोटा-सा मंदिर; नक़्क़ाशीदार कपाट खुलते हैं, सीढ़ियों पर सुनहरी रोशनी फैलती है और दीये जल उठते हैं।

तीन रस्में, तीन बार हाँ

सगाई एक रस्म नहीं, तीन रस्मों से पूरी होती है — और हर रस्म में एक परिवार दिल से हाँ कहता है।

गहरे लाल रेशम पर पीतल की पूजा की थाली — रोली, अक्षत और जलता दीया।
गुलाबी रेशमी ओढ़नी में कलावा बँधा नारियल, मिठाई, मेवे, लाल साड़ी और चूड़ियाँ।
गेंदे और गुलाब की पंखुड़ियों पर खुली मखमली डिब्बी में सोने की दो अँगूठियाँ।
  1. तिलक Tilak

    अंशिका का परिवार अर्जित का तिलक करता है और उन्हें बेटे की तरह अपना लेता है।

  2. गोद भराई Godh Bharai

    अर्जित के घर की महिलाएँ अंशिका की गोद मिठाई, कपड़ों और शगुन से भरती हैं, और उन्हें बेटी की तरह अपना लेती हैं।

  3. अँगूठी The rings

    और आख़िर में, दोनों घरों का आशीर्वाद पाकर, वे दोनों ख़ुद एक-दूसरे को चुनते हैं।

शाम के झुटपुटे में समारोह का लॉन; रास्ते के दोनों ओर रखे दीये एक-एक कर जलते हुए रोशन शामियाने तक जाते हैं।

दिन और समय

रविवार 1 नवंबर 2026

मेहमानों का स्वागत शाम 7 बजे से · कार्यक्रम रात 11 बजे तक

पहनावा फ़ॉर्मल या पारंपरिक रखें — सूट, जोधपुरी या कोई भी एथनिक परिधान।

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स्थान

Royal Greens Banquet and Lawns

4B/Com-5, Vrindavan Yojna · Raebareli Road
Lucknow 226025

चारबाग स्टेशन 11 कि.मी. एयरपोर्ट 11 कि.मी.

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गेट पर सुरक्षाकर्मी गाड़ी खड़ी करवाने में मदद करेंगे।

अर्जित 98860 91105 आयोजन स्थल 75186 02901

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अंशिका & अर्जित

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