मंगलाचरण
मङ्गलं भगवान् विष्णुःमङ्गलं गरुडध्वजः।मङ्गलं पुण्डरीकाक्षःमङ्गलायतनो हरिः॥
maṅgalaṁ bhagavān viṣṇuḥ · maṅgalaṁ garuḍadhvajaḥmaṅgalaṁ puṇḍarīkākṣaḥ · maṅgalāyatano hariḥ
सगाई के शुभ अवसर पर आप सादर आमंत्रित हैं
अंशिका सिंह एवं अर्जित सिंह परिहार
अंशिका सिंह Anshika Singh
श्री सुबाश सिंह एवं श्रीमती संजू सिंह की सुपुत्री
अर्जित सिंह परिहार Arjit Singh Parihar
श्री राकेश सिंह एवं श्रीमती दीप्ति सिंह के सुपुत्र
यहाँ तक का सफ़र





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तिलक Tilak
अंशिका का परिवार अर्जित का तिलक करता है और उन्हें बेटे की तरह अपना लेता है।
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गोद भराई Godh Bharai
अर्जित के घर की महिलाएँ अंशिका की गोद मिठाई, कपड़ों और शगुन से भरती हैं, और उन्हें बेटी की तरह अपना लेती हैं।
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अँगूठी The rings
और आख़िर में, दोनों घरों का आशीर्वाद पाकर, वे दोनों ख़ुद एक-दूसरे को चुनते हैं।

पहनावा फ़ॉर्मल या पारंपरिक रखें — सूट, जोधपुरी या कोई भी एथनिक परिधान।
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स्थान
क्या आप पधारेंगे?
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रविवार, 1 नवंबर को आपकी राह देखेंगे।
अंशिका & अर्जित